Thursday, March 17, 2022

क्या है ‘द कश्‍मीर फाइल्‍स’ का विवाद ?

                       

 फ‍िल्‍म ‘द कश्‍मीर फाइल्‍स’ क्यों है इतनी चर्चा में है, और सोशल मीडिया पर इससे जुड़े नए-नए विवाद रोज़ जन्‍म क्यों ले रहे है, हम बताते है इसकी की असल वजह क्या है. विवाद की शुरुआत कॉमेडियन कपिल शर्मा से हुई थी और अब सियासत में इसकी एंट्री हो गई है. फिल्‍म को दर्शकों का अच्‍छा रिस्‍पॉन्‍स मिल रहा है और भाजपा शासित राज्‍य मध्‍यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा और कर्नाटक में यह टैक्‍स फ्री भी कर दी गई है. इस फिल्‍म से जुड़े विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक  फैन ने फिल्‍म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री से पूछा कि वो फ‍िल्‍म को प्रमोट करने के लिए द‍ कपिल शर्मा शो (The Kapil Sharma Show) में क्‍यों नहीं गए. विवेक ने ट्वीटर पर पूछे गए  इस सवाल का जवाब दिया. फैन्‍स के सवाल पर डायरेक्टर ने दावा किया था कि कपिल ने उनकी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को प्रमोट करने से मना कर दिया है.इसके बाद सोशल मीड‍िया पर BoycottKapilSharma ट्रेंड शुरू हो गया था. मामला बढ़ने पर फैंस ने कपिल शर्मा की खिंचाई शुरू कर दी. इस पर कपिल शर्मा ने जवाब दिया. कपिल ने ट्वीटर पर लिखा, इन बातों में सच्‍चाई नहीं है. 


उसके बाद फिल्‍म के प्रोड्यूसर अभिषेक अग्रवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अपनी एक तस्‍वीर सोशल मीडिया पर पोस्‍ट की. उन्‍होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का सौभाग्य मिला. सबसे खास बात यह रही कि उन्‍होंने ‘द कश्‍मीर फाइल्‍स’ की तारीफ की. शुक्रिया मोदी जी.” साथ ही  इस फ‍िल्‍म को राजनीति से अलग रखने की सलाह दी गई. इस बीच क्रिकेटर सुरेश रैना ने ट्वीट किया और लिखा, अगर यह फिल्‍म आपके दिल को छूती है तो न्‍याय के लिए अपनी आवाज उठाएं और कश्‍मीर में हुए नरसंहार के पीड़ि‍तोंं का दर्द कम करने में मदद कीजिए. सुरेश रैना के ट्वीट के बाद कुछ लोगों ने उनसे सवाल किए और पूछा कि क्या हम गुजरात में मुसलमानों के नरसंहार की भर्त्सना करेंगे? इसके बाद भी निरन्तर इस बाद विवाद चालू ह। सोशल मीडिया पर साफतौर पर इस फिल्‍म को भाजपा के कई दिग्‍गज नेताओं का मिल रहा है. इनमें मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह, राजस्‍थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी जैसे बड़े नाम शामिल हैं.  कश्‍मीर पंडितों के पलायन के मुद्दे पर केरल कांग्रेस ने कई बातें ट्वीट की हैं. जिसके जवाब में भाजपा सांसद के. जे.अल्‍फोंस ने ANI को दिए बयान में कहा है कि ‘हर कोई जानता है कि सांप्रदायिक आधार पर सत्ता पक्ष की शह पर डेढ़ लाख कश्मीरी पंडितों को भगाया गया. उस समय कांग्रेस या उसकी समर्थन वाली सरकार थी. केरल कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा, “सामूहिक रूप से कश्‍मीरी पंडितों ने गवर्नर जगमोहन के निर्देश पर घाटी को छोड़ा था जो RSS के आदमी थे. बीजेपी समर्थित वीपी सिंह सरकार के तहत पलायन शुरू हुआ था. वही दूसरी तरफ बीजेपी की संसदीय बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी फिल्म की भरपूर तारीफ करते हुए बैठक में उपस्थित सांसदों और नेताओं को फिल्म देखने की सलाह दी. उन्होंने कहा, ‘सत्य को देश के सामने लाना देश की भलाई के लिए ही है. पिछले कई दशकों से जो सच छुपाया जाता रहा है, उस सच को बाहर लाने की यह कोशिश है. जिन लोगों ने सच को छुपाया है, वही लोग इसका विरोध कर रहे हैंखैर इस विवाद पर आप लोगो का क्या कहना ह। कमेंट बॉक्स में लिख कर बताये.

Saturday, October 31, 2020

पुलवामा अटैक की सच्चाई आई सामने । पाकिस्तान ने ली ज़िम्मेदारी



पिछले दिनों पाकिस्तान के इमरान खान के मंत्री फवाद चौधरी के पुलवामा अटैक के कबूलनामे से एक बात तो साबित हो गई की भारत मे पाकिस्तान का पक्ष लेने वालों  की कमी नहीं है। क्योंकि आपको शायद याद हो की इस दर्दनाक घटना मे जब पूरा देश अपने जवानों के शहीद होने पर दुखी थे। पर ऐसे मे कुछ राजनेतिक पार्टियां अपनी रोटियाँ  सेकने मे लगी हुई थी । हालांकिउसके बाद भारत ने पाकिस्तान को इसका मुँह तोंड़ जवाब भी दिया । पर फवाद चौधरी के इस कबूलनामे से शायद सभी को भी यकीन हो गया हो। इस पर प्रधानमंत्री मोदी का दर्द छलक कर सामने आया। और उन्होंने उस वक्त की गंदी और गलत राजनीति वालों चेतावनी दी। फवाद चौधरी ने पुलवामा अटैक को इमरान खान सरकार की एक उपलब्धि बताया । इतना कुछ सुनने के बात भी कुछ लोग पाकिस्तान जैसे कंगले देश मे जाकर मोदी को हटाने की बात करते है । जो देश बर्बादी के थोड़ा ही करीब है जिस देश को लोगों ने भीग भी देना बंद कर दिया है उस देश का सपोर्ट चाहिए कुछ लोगों को । कौन हैं ये लोग ?


अच्छा पाकिस्तान और ये लोग कुछ ना  कुछ भारत के खिलाफ सोचते रहते है इसके पहले अगस्त मे ही एक और झूठी अफवा फैलाने वाला बयान दिया था जिसमे पाकिस्तान का कहना था की भारत ने पाकिस्तान से बात चित करने की इच्छा जताई हैं, ये बात वहा के नैशनल सिक्युरिटी ऐड्वाइज़र मोइद यूसुफ ने बताई। वैसे तो बेचारे आतंकवादी भेज भेज कुछ थक गए तो ऐसे ही झुट फेलाओ शायद इससे FATF के नजर मे थोड़े अच्छे बन जाए तो शायद  कुछ और दान मिल जाए। अच्छा और तो और ये भी कह दिया की पाकिस्तान ने पांच शर्ते भी रख दी हैं ।  पर उसका जवाब भी हमारे भारत के विदेश मंत्री ने आकार दे दिया कि, ये पाकिस्तान ज़बरदस्ती सभी को गुमराह करने के लिए भारत के खिलाफ झूटे बयान देता है। पर पाकिस्तान सपने मे ही सही शायद भारत से कोई तो जंग जीत ले।  


Friday, August 14, 2020

भारत ने निकाली पाकिस्तान की नक़्शे की नक़्शेबाज़ी। सऊदी अरब ने भी बेहाल किया पकिस्तान को ।

 इतनी बार मार खाने के बाद इतने बार पीटने के बाद इतनी बाद इंडिया से हारने के बाद भी ना जाने पाकिस्तानी अपनी असलियत पर यकीन क्यों नहीं करता। इस बार फिर से पाकिस्तान ने पूरी तरह से कपडे उतार इज़्ज़त उतरवायी  हैं। और अपना नया नक्शा ज़ारी करके भारत के कुछ क्षेत्रों को अपना बता डाला हैं।  क्या करे क़र्ज़ के बोझ तले दबे पाकिस्तान के प्राइम मिनिस्टर इमरान खान के पास अब अपनी जनता के पास बहाना बनाने को कुछ तो है नहीं तो ऐसे खुश करते रहते है।  अच्छा इस नक़्शे के जारी करते ही इमरान खान अपने घर में ही घिर गए और उनके विपक्षी दलों ने इसे एक राजनितिक दुष्प्रचार बताया और तो और पाकिस्तान की जनता को जब ये समझ आया तो उन्होंने सोशल मीडिया पर इमरान खान की पोल खोलना शुरू कर दिया। ऐसे ही एक पाकिस्तानी टिकटोक यूजर ने भी इमरान को नसीहत दे दी और कहा की नक्शा नहीं अपना सस्ता नशा बदलो सिर्फ नक्शा बदलने से भारत के हिस्से पर कब्ज़ा नहीं कर पाओगे।  उस टिक टोक यूजर को पाकिस्तानी पुलिस ने पिटाई करके जेल में डाल दिया। अभिव्यक्ति की आज़ादी का राग अलापने वाले इमरान ज़रा सी सच्चाई नहीं सुन पाए। 

 अच्छा एक तरफ सऊदी अरब ने भी पाकिस्तान से  बोला हैं जो हमने पैसे उधार दिए थे वो वापस दो। क्या है ये गणित हम आपको समझते हैं।  पाकिस्तान जो की पूरी तरह से भिखारीपन से ग्रसित हैं और था, सऊदी अरब ने पाकिस्तान की मदद करने और उसके विदेशी मुद्रा भंडार को दुरुस्त करने के लिए नवंबर 2018 में 6.2 बिलियन डॉलर की रकम दी थी. इसमें से 3.2 बिलियन डॉलर का इस्तेमाल पेट्रोलियम पदार्थ लेने पर खर्च किया जाना था। ये डील मई 2020 में समाप्त हो गई। लेकिन सऊदी अरब ने डील को रिन्यू करने की जगह तेल की सप्लाई ही रोक दी और एक बिलियन डॉलर कर्ज की वसूली भी पाकिस्तान से करा ली वो भी उन्होंने सीनियर चोर देश चीन से लेकर दिए।  अच्छा इसके पीछे भी कारण वही चोरी ऊपर से सीना जोरी वाला हैं। पाकिस्तान ने तुर्की, ईरान(Iran), कतर और मलेशिया के साथ मिलकर ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन(OIC) की जगह नया इस्लामिक गठजोड़ तैयार करने की कोशिश की और सऊदी अरब के  पीठ पर फिर छुरा घोपने की कोशिश की जिसकी वजह से सऊदी अरब बहुत नाराज हुआ।  

खबर आ रही है कि सऊदी अरब अपने यहां काम कर रहे पाकिस्तानियों को निकाल भी सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान बुरी तरह बर्बाद हो जाएगा। पर बात तो वही ना भाई चोर चोरी से जाये पर सीना जोरी से न जाये। पाकिस्तान इसके पहले भी कश्मीर के मसले पर तुर्की(Turkey), मलेशिया और ईरान के साथ मिलकर भारत के खिलाफ साजिश रच चुका है। इमरान खान जो कल तक देश के कर्ज को निकालने की बात कर रहे थे उल्टा अब वो अपने देश पर बहोत कर्ज़ा बढ़ा चुके हैं। अच्छा भारत ने भी पकिस्तान के गलत नक़्शे के बारे कहा की नक़्शे पर थोड़ा नक्शेबाज़ी कर लेने दो अपना बेटा तो हैं सोचने में क्या जाता हैं।  सच तो आखिर सच ही रहेगा।  

Saturday, August 8, 2020

आख़िरकार राम मंदिर भूमि पूजन हुआ पूरा । कैसे हुआ राम मंदिर भूमि पूजन


पुरे विश्व के 500 वर्षो तक इंतज़ार करने के बाद अंततः वो दिन आया जिसके लिए पूरा देश पूरा विश्व बहोत बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था। राम मंदिर भूमि पूजन का दिन एक ऐतिहासिक दिन रहा हैं।  भगवान राम अपने जन्म भूमि पहोच ही गए। पुरे विश्व के साथ साथ सभी साधु संतो को भगवान राम के बहोत लम्बे समय से मंदिर स्थापित होने का इंतज़ार हैं।  पर जैसे ही कोर्ट का फैसला आया तो इन सभी का राम मंदिर के भूमि पूजन का इंतज़ार ओर बेसब्री से शुरू हो गया है।  जी हाँ, भगवान राम के आयोध्या में मंदिर में भूमि पूजन  ज़ोरो शोरो से हुआ हैं।  अयोध्या में भी भक्तो और संतो द्वारा अनुष्ठान किया गया, घर घर दिए बनाये गए ।  भूमि पूजन में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत  से संतो के साथ उपस्थित हए ।  पुरे मंदिर की भव्य तैयारियां की गयी, पुरे मंदिर को पीले  रंग से  सजाया गया था ।  पूरी अयोध्या श्री राममय और राम नाम से सराबोर थी। भूमि पूजन के लिए लोगो ने और भक्तो ने अलग अलग तरह के संकल्प लिए थे किसी ने अन्न त्याग किया, तो किसी मौन वत्र लिया था ताकि राम मंदिर भूमि पूजन होकर मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो सके। पूरा माहौल दिवाली की तरह जगमगा गया । देश के अन्य बड़े लोगो के साथ साथ मुस्लिम पक्षकारो को भी न्योता भेजा गया था । 



विवादित ढांचे के गिराने से लेकर सालो से मंदिर और मस्जिद के झगड़े के चलते लोगो का और भक्तो का सब्र का बांध टूटता नज़र आ रहा था, पर कोर्ट के अंतिम आदेश के बाद सभी ने उसका सम्मान किया और दोनों धर्मो के लोगो को सही न्याय प्रक्रिया से सही परिणाम मिला हालांकि इसमें बहोत वक़्त लगा। मगर लोगो में राम मंदिर के भूमि पूजन को लेकर इतना उत्साह  है तो जब मंदिर बनकर तैयार होगा तो कितना होगा। 3 अगस्त गणेश पूजा और 4 अगस्त को राम अर्चना कार्यक्रम के बाद 5 अगस्त में देश के प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के साथ इसका भूमि पूजन किया ।



पूरे कार्यक्रम में काशी, अयोध्या, दिल्ली, प्रयाग के विद्वानों को बुलाया गया । अलग-अलग पूजा के अलग-अलग एक्सपर्ट रखे गए । पूरी टीम 21 ब्राह्मणों की थी  जो अलग अलग तरीकों से पूजा करा रही थी । यह एक वक्त में नहीं हुई बल्कि अलग अलग समय में अलग-अलग ब्राह्मण ने पूजा कराई । भूमि पूजन में  9 अलग ब्राह्मण लोगो ने पूजन करवाया। इस दौरान सभी 21 ब्राह्मण साक्षी थे और उनकी देखरेख में पूरा पूजन हुआ । भूमि पूजन में संकल्प लिया जाता है। पूजा किस उद्देश्य से की जा रही है, यह संकल्प में बताया जाता है। पीएम मोदी ने पूजा  करी और वो सारे संकल्प भी लिए । राम मंदिर भूमि पूजन का कार्यक्रम करीब 40 मिनट से 1 घंटे का हुआ था। भूमि पूजन के एक दिन पहले 4 अगस्त को भूमि पूजन प्रांगण में पूजन के 108 दिन पूरे हुए थे, और 5 अगस्त को 109 वां दिन था । इस दौरान प्रतिदिन वहां वेदपाठ हो रहा था। अब भूमि पूजन का कार्यक्रम सफलता पूर्वक सपन्न हुआ। आगे मंदिर बनाने में 3 से 4 सालो का वक़्त लग सकता हैं। उम्मीद करते है भगवान् श्री राम के नाम पर राजनीति करने वाले न करे तो अच्छा हैं। अच्छा ये वक़्त हैं भगवान राम के नाम मैं रमने का श्री राम को याद करने का तो आप भी कीजिये और भगवान श्री राम के आशीर्वाद से इस साल जो हमारी ज़िन्दगी का सबसे बुरा साल साबित हो रहा हैं उसमे एक सकारात्मक बदलाव लाने का। 

Sunday, August 2, 2020

बॉलीवुड का OTT पर Women's empowerment


 
देश में लॉकडाउन के बढ़ते रहने से और सिनेमा घरो के बंद होने के चलते सारे बॉलीवुड की नज़र सभी ओटीटी प्लेटफार्म पर है।  इसी कड़ी में इन दिनों वोमेन एम्पावरमेंट का खास असर दिख रहा हैं, और डिजिटल प्लेटफार्म पर मानो महिला प्रधान फिल्मो की होड़ सी मच गयी है।  इसी में सबसे आगे है विद्या बालन की मोस्ट स्पेशल फिल्म 'शंकुतला देवी- ह्यूमन कंप्यूटर जो की काफी चर्चा में है, और 31 जुलाई को ये फिल्म अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज़ हुई हैं। जो की एक बायोपिक है। जो मशहूर मेथेमेटिशन शंकुतला देवी पर हैं जो हमारे देश की एक जादुई मेथेमेटिशन हैं  उन्हें ह्यूमन कैलकुलेटर भी कहा जाता हैं और इनका नाम गिनिस बुक में भी दर्ज हैं। वही दूसरी तरफ एक और फिल्म हे  ' गुंजन सक्सेना -द कारगिल गर्ल '  ये भी एक बायोपिक हैं। जो की बहादुर हेलीकॉप्टर पायलट गुंजन सक्सेना पर आर्धारित हैं।  जिन्होंने 1999 कारगिल वार में एक अहम् भूमिका निभाई थी, जिसके लिए उन्हें सौर्य चक्र भी दिया गया था, और वो देश की पहली महिला सौर्य चक्र अवार्डी है।  गुंजन की भूमिका में फिल्म में जानवी कपूर नज़र आएगी और फिल्म 12 अगस्त को रिलीज़ होगी जिसकी जानकारी जानवी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिये दी। ये फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ होगी जिसका लोगो को बेसब्री से इंतज़ार हैं।



 इसी कड़ी में एक फिल्म और हैं जो वोमेन एम्पावरमेंट को  सपोर्ट करती हैं। जो हमारे देश की महशूर बैडमिंटन चैंपियन साइना नेहवाल पर बेस्ड है। ये फिल्म एक बायोग्राफिकल फिल्म हैं। जिसे अमोल गुप्ते डायरेक्ट करेंगे और टी- सीरीज के बैनर तले भूषण कुमार इसे प्रोड्यूस करेंगे।  साइना नेहवाल के रोले के लिए परिनीति  चोपड़ा को फाइनल कर लिए गया हैं।  पर किस ओटीटी प्लेटफार्म पर ये रिलीज़ होगी या ये फिल्म बड़े परदे पर रुख करेगी वो अभी कन्फर्म नहीं है। इसी कड़ी मैं एक बायोपिक और  है बहोत दिनों चर्चा में हैं।  ये फिल्म भारतीय अर्जुन अवार्ड विनर पी टी उषा के ऊपर आर्धारित हैं।  पी टी उषा भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलिट हैं। इस बायोपिक के लिए कैटरिना कैफ को फाइनल किया गया हैं।  कैटरिना कैफ पिछले कई सालो से अपने कैरियर के पिक पर हैं। लगातार सलमान खान स्टारर भारत के सुपर हिट होने के बाद फिर अब  अक्षय कुमार  के साथ रोहित शेट्ठी द्वारा डायरेक्ट की गयी मोस्ट अवेटेड फिल्म वीर सूर्यवंशी में दिखाई देगी, पर वो फिल्म लॉकडाउन के चलते पोस्फोने करनी पड़ी जो की अब लॉकडाउन खुलने और सिनेमा घरो के खुलने का इंतज़ार कर रही हैं। अब आगे इस बायोपिक पी टी उषा फिल्म का क्या होता हैं और ये किस  डिजिटल प्लेटफार्म पर रिलीज़ होती हैं या ये भी सिनेमाघरो के बड़े परदे का इंतज़ार करती हैं ?  वो आगे आने वाली स्तिथि पर निर्भर करता है। इसी तरह की और भी फिल्मे हैं  जैसे इंडियन वोमेन क्रिकेटर मिताली राज, एक और बैडमिंटन प्लेयर पी वी सिंधु जिनको अभी फाइनल करना बाकी हैं और जो वोमेन एम्पॉवर को बढ़ावा देती हैं । इससे पहले बॉलीवुड में वोमेन एम्पॉवर की फिल्मे आती रही हैं और दर्शको का काफी मनोरंजन करती रही हैं। 





Saturday, July 25, 2020

मरने के बाद हस के नहीं जी सकते। - Sushant Singh Rajput Film Review " दिल बेचारा"



आम तौर पर किसी फिल्म के रिव्यु में फिल्म की स्टोरी की बात होती हैं डायरेक्शन की बात होती हैं उसका म्यूजिक कैसा हैं उसकी बात होती हैं।  पर दिल बेचारा को देखने के बाद आपको ऐसी किसी भी चीज़ के बारे में सोचने की ज़रूरत नहीं है। क्योकि इस फिल्म में सुशांत का होना ही काफी हैं।  फिल्म को देख कर नहीं लगता की  ज़िन्दगी इस हद तक प्यार करने वाला इंसान सुशांत सिंह राजपूत हमारे बिच नहीं हैं।  फिल्म को देखते समय आपके दिमाग में सुशांत के अलावा कुछ नहीं चलेगा, शायद वो अब हमारे बिच नहीं हैं इसलिए भी।  सुशांत के सारे सीन आपके आखे नम  करने को काफी हैं। जब आप इस फिल्म को देखेंगे तो फिल्म की तरह नहीं बल्कि अपने आप से जुड़ा पायेंगे।  फिल्म कहानी शुरू होती हैं जमशेद पुर से जहा, किज़ी मतलब संजना सांघी रहती हैं। किज़ी को थाइरॉइड कैंसर हैं जो हमेशा अपने साथ ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर रहती है। किज़ी को अपने ऊपर तरस खाने के अलावा कोई चारा नहीं होता हैं और वो अपना मौत का इंतज़ार करती होती है। एक कैंसर सपोर्ट सेंटर में किज़ी की मुलाकात मैनी से होती हैं, मैनी मतलब आपके सुशांत सिंह राजपूत से , जो पहले से कैंसर पेशेन्ट थे और उसी वजह से उनकी एक टांग भी काट दी गयी हैं।  पर वो अब रिकवर हो चुके और बहोत ही ज़िंदादिल और बहोत खुश हैं।  



मैनी और किज़ी के बिच धीरे धीरे प्यार शुरू हो जाता हैं।  किज़ी को एक गाना बहोत पसंद होता हैं  जो ज़िन्दगी से बहोत प्यार करना सिखाता हैं  और जो की अधूरा होता हैं और किज़ी को कैसे न कैसे करके तो पता करना होता की ये गीत अधूरा क्यों हैं ?  पर मैनी मतलब सुशांत के पता किये जाने पर मालूम होता हैं उसका सिंगर पेरिश में रहता हैं। दोनों पेरिश जाते हैं और वो उस सिंगर से मुलाक़ात भी करते हैं। लेकिन वहा पर मैनी की तबियत ख़राब हो जाती हैं और मैनी का कैंसर लौट आता हैं और उसके पास वक़्त बहोत कम होता हैं।  एक पल ये सुनकर मैनी इससे बहोत निराश भी होता हैं पर धीरे धीरे ज़िन्दगी जीने की उम्मीद फिर से आती हैं।  यहाँ पर मेरी गारंटी हैं की आप अपने आंसू नहीं रोक पाएंगे की दिल फाड़ देने वाले ये सीन कई मायनो सुशांत से कनेक्ट होते हैं। आम तौर में फिल्म के रिव्यु में हम फिल्म के सीन्स  की बात नहीं करते हैं पर ये फिल्म के बहोत से सीन सुशांत के जिंदादिली को दर्शाते हैं। 



मुकेश छाबड़ा  द्वारा डायरेक्ट की गयी इस फिल्म को डिज्नी हॉटस्टार पर हर कोई देखेगा। एक सीन और हैं जहा पर सुशांत अपने एक दोस्त और किज़ी को एक चर्च में बुलाता हैं और चर्च के मंच पर चढ़ कर वो उसके मरने के बाद वो उसके बारे में क्या सोचेंगे वो आकर बोले। इस सीन में किज़ी मैनी के लिए तारीफ करती हैं तो खुद को रोने से नहीं रोक पाती हैं और शायद आप भी न रोक पाए। अपनी मौत से पहले दोस्तों को अपने बारे में बोलते हुए सुशांत का फेस शायद आपसे देखा नहीं जायेगा ये सीन आपको पूरी तरह बेहाल कर देगा।  खैर आगे क्या होता हैं जानने के लिए आप जाकर मूवी ज़रूर देखे।  सुशांत ने शायद असल ज़िन्दगी में भी अपने चाहने वालो को पहचाना होता और जान लेते की लोगो को उनसे कितनी उम्मीद थी और वो उनसे कितना प्यार करते थे।  उनके जाने के इतने दिनों बाद भी उनके फैंस उनको भुला ही नहीं पा रहे हैं शायद वो सुशांत को भूलना ही नहीं चाहते हैं। आप क्या सोचते कमेंट बॉक्स में लिखे और इस फिल्म को जाकर ज़रूर देखे। 

Sunday, July 12, 2020

अमिताभ, अभिषेक के साथ ऐश्वर्या और बेटी आराध्या कोरोना पॉजिटिव पाए गए। बॉलीवुड के साथ देश की बड़ी हस्तियों ने की उनके लिए प्रार्थना


 


जहां पूरा विश्व कोरोना वायरस का संकट से गहराता जा रहा हैं वही भारत की इकोनॉमी पर भी इसका खास असर देखने को मिल रहा है। पुरे विश्व के साथ भारत के डॉक्टर्स ने भी कोरोना की वैक्सीन की खोज करने मैं अपनी पूरी ताक़त झोक दी है। बॉलीवुड इंडस्ट्री जो भारत मैं बहोत बड़े स्तर पर लोगो का रोज़गार का ज़रिया भी हैं वो भी इससे अछूता नहीं है। पिछले दिनों कई बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री से संबंधित लोगो कोरोना पॉजिटिव पाए गए।  इसी कड़ी मै बॉलीवुड के सबसे बड़े महानायक सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और उनके बेटे अभिषेक बच्चन भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जैसे उन्हें इस बात का पता चला की वो कोरोना संक्रमित है उन्होंने अपनी ज़िम्मेदारी समझ कर सोशल मीडिया पर जानकरी दी और उनके घर के सभी सदस्यों के साथ साथ पिछले 10 दिनों मैं जो भी लोग उनके संपर्क मैं आये हैं अमिताभ बच्चन ने उनसे जाकर कोरोना का टेस्ट कराने का आग्रह किया। अमिताभ और अभिषेक बच्चन दोनों को मुंबई के नानावटी हॉस्पिटल मैं भर्ती कराया गया हैं। और उनके जुहू स्तिथ दोनों बंगलो की सील करने के साथ सुरक्षा भी बढ़ा दी हैं।  पिछले दिनों अनुमप खेर की मां और भाई सहित कुछ और परिजन भी संक्रमित पाए गए हैं। इसके साथ ही हाल ही में रेखा का बंगला भी सील कर दिया गया था। 




बॉलीवुड के लोगो के साथ देश की नामी गिरामी हस्तियों के साथ अमिताभ बच्चन के करीबी लोग उनके परिवार और उनके सेहत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर रहे हैं। इस कड़ी मैं हस्तियों मैं देश के मशहूर सोशल वर्कर और इंडस्ट्रियलिस्ट डॉ अनिल काशी मुरारका से हमने बात की उनके अनुसार 
"अमित जी सदी के ही नहीं विश्व के सबसे बड़े महानायक हैं जो हर भारतीय के लिए गर्व की बात हैं। और बच्चे से लेकर बुजुर्ग व्यक्ति जो जीवन मैं किसी मुकाम को हासिल करना चाहता हैं उसके लिए एक प्रेरणा हैं, उनके और अभिषेक के साथ ऐश्वर्या और उनकी बेटी आराध्या के जो कोरोना पॉजिटिव आये हैं उनके लिए पूरा भारत दुआ मांग रहा हैं। और जिस इंसान को लोग इतना प्यार करते है उसे कभी कुछ नहीं हो सकता हैं। गेट वेल सून अमित जी और अभिषेक।" सामाजिक कार्यो मै बढ़ चढ़ के हिस्सा लेने वाले डॉ अनिल काशी मुरारका अपनी संस्था ऐम्पल मिशन के तहत अनगिनत सामाजिक कार्यो को अंजाम दे चुके हैं। अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन की दूसरी कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। वहीं दूसरी दुःख की बात ये है कि इनके साथ दूसरे टेस्ट मैं ऐश्वर्या राय और आराध्या की रिपोर्ट मै भी टेस्ट पॉजिटिव आये  हैं इसके पहले टेस्ट जो की नेगेटिव आये  थी ।बाकि जया बच्चन के साथ अन्य सदस्य अभी तक नेगेटिव हैं। 




पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अमिताभ और अभिषेक ने शनिवार को जब यह जानकारी दी कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। इसके बाद अमिताभ के कुछ प्रशंसकों ने विले पार्ले (पश्चिम) स्थित चिकित्सकीय केंद्र के बाहर एकत्र होने की कोशिश की. पुलिस ने उनसे वहां से जाने को कहा और उन लोगों को पुलिस ने सख्त लहजे में बता दिया कि उन्हें सड़क पर खड़े होने की अनुमति नहीं है।  दूसरी तरफ बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अधिकारियों ने मुंबई में एक्टर अमिताभ बच्चन के निवास स्थान 'जलसा' के बाहर एक बैनर लगा दिया है, जिससे इसे एक कंटेनमेंट जोन के रूप में परिभाषित किया जा सके. इसके बाद उनका बंगला अगले आदेश तक के लिए सील कर दिया गया है। सांताक्रूज पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक श्रीराम कोरेगांवकर ने कहा, ‘हमने अस्पताल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है, ताकि वहां लोग एकत्र न हों. अस्पताल में कोविड-19 के और भी मरीज भर्ती हैं और उन्हें इससे असुविधा नहीं होनी चाहिए. हमारे अधिकारी अस्पताल के बाहर तैनात हैं और किसी को वहां एकत्र होने की अनुमति नहीं दी जा रही है।’ 




धार्मिक स्थलों पर योगी का शिकंजा

  पिछले दिनों MNS के अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा ये ऐलान किया गया की मस्जिदों में लाउड स्पीकर्स को हटा लिया जाये नहीं तो MNS कार्यकर्त्ता मस्जि...